दिनांक:-29 जनवरी 2026,
जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० के निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य विभामग की मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,कसबा में आयोजित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा की गई।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, संचारी एवं गैर-संचारी रोग पदाधिकारी, जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी सहित जिला स्वास्थ्य समिति के सभी कंसल्टेंट उपस्थित थे।
बैठक में प्रतिभागी के रूप में जिले के सभी प्रखंडों के उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक के साथ-साथ सहयोगी संस्थाओं यथा UNICEF, WHO, Piramal Swasthya, UNDP, JSI, PSI, जिला प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्य प्राप्ति एवं प्रगति में सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया।

कार्यक्रमवार समीक्षा के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं—
• समीक्षा के क्रम में सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को चिकित्सकवार देखे गए मरीजों की संख्या में पाई गई असमानता को दूर करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए आदर्श रोस्टर ड्यूटी तैयार कर उसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही BHAVYA पोर्टल पर मरीजों के औसत वेटिंग टाइम एवं जर्नी टाइम को कम करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
• जिन चिकित्सकों द्वारा देखे गए मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाई गई, उनसे कारण पृच्छा करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त इनडोर में भर्ती मरीजों को सभी देय सरकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
• टेली-कंसल्टेंसी कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों की समीक्षा के उपरांत धमदाहा, भवानीपुर, डगरुआ, रूपौली एवं कसबा प्रखंडों को पंजीकृत स्पोक्स एवं हब्स की उपलब्धियों में सुधार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिक से अधिक चिकित्सकों को हब्स के रूप में पंजीकृत करने पर बल दिया गया।
• स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नीति आयोग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय सूचकांकों की समीक्षा के दौरान प्रसव पूर्व गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, प्रथम तिमाही में पंजीकरण, चारों एएनसी जाँच, गर्भवती महिलाओं को प्रदत्त अन्य सेवाओं में सुधार, गंभीर एनीमिक एवं उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के फॉलो-अप एवं समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ-साथ संबंधित पोर्टल पर डेटा को अद्यतन किए जाने का निर्देश दिया गया।
• मातृ एवं शिशु मृत्यु की समीक्षा करते हुए मृत्यु के कारणों की पहचान कर उसकी समीक्षा तथा भविष्य में इन कारणों से माताओं एवं शिशुओं की मृत्यु न हो, इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
• नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वे रजिस्टर को अद्यतन करने, सभी सत्र स्थलों पर अपडेटेड ड्यू लिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा सभी एंटीजन में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
• परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत पुरुष नसबंदी, महिला बंध्याकरण एवं गर्भनिरोधकों के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने पर विशेष बल दिया गया।
• एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को घर से अस्पताल तथा उपचारोपरांत पुनः घर पहुँचाने की उपलब्धि बढ़ाने एवं सेवा के बेहतर अनुश्रवण के माध्यम से अधिकाधिक लाभार्थियों तक सेवा पहुँचाने का निर्देश दिया गया।
• सभी स्वास्थ्य संस्थानों—जिला, अनुमंडलीय, आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं VHSND सत्र स्थलों तक EDL के अनुरूप दवाओं एवं कंज्यूमेबल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया।
• यक्ष्मा (TB) कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रखंडों को OPD से मरीजों का रेफरल, स्क्रीनिंग, नोटिफिकेशन, निक्षय मित्र की संख्या लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त करने तथा TB मुक्त पंचायत के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से हासिल करने हेतु ठोस कदम उठाने को कहा गया।
• गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल) की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को दवा उपलब्ध कराने एवं समुचित उपचार हेतु डे-केयर सेंटर, जीएमसीएच पूर्णिया रेफर करने का निर्देश दिया गया।
• इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के अंतर्गत Form P, L एवं S की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने, मौसम के अनुसार समुदाय में होने वाली बीमारियों की सूचना समय पर प्राप्त कर किसी भी प्रकार के आउटब्रेक का त्वरित एवं समुचित प्रबंधन करने का निर्देश दिया गया।
• आशा कार्यक्रम के अंतर्गत नए लक्ष्यों के अनुसार आशा का चयन करने तथा उनके द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर समुदाय में आमजानो को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया।

• स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance) से संबंधित उपलब्धियों को और बेहतर करते हुए अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को मानक के अनुरूप तैयार कर प्रमाणीकरण (Certification) कराने का निर्देश दिया गया।
• पोषण पुनर्वास केंद्र के अंतर्गत समुदाय से अति-कुपोषित बच्चों की पहचान कर आंगनवाड़ी, आशा एवं RBSK कार्यक्रम के चलंत चिकित्सा दल द्वारा काउंसलिंग कराते हुए केंद्र में उपचार हेतु भर्ती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
• भ्रमण उपरांत स्वास्थ्य संस्थानों में पाई गई कमियों को दूर करने हेतु भेजे गए प्रतिवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।
• प्रखंड स्तर पर कार्यरत ANM एवं CHO की साप्ताहिक समीक्षा बैठकों को गुणवत्तापूर्ण रूप से आयोजित करने, लिए गए निर्णयों को Google Sheet के माध्यम से साझा करने तथा प्राप्त सुझावों पर अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
• BHAVYA कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन कंसल्टेंसी, वाइटल्स टेकन, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी रिकमेंडेशन, BMW, डाइट, लिनेन एवं लॉन्ड्री सेवाएँ, HSC Bhavya Lite App एवं m-AHS Application के क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
• साथ ही 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाले एमडीए कार्यक्रम के संबंध में सभी को अवगत कराते हुए इसके सुचारू एवं प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और सुदृढ़ किया जा सके।

