दिनांक:- 29 जनवरी 2026
कसबा के जीविका दीदी अधिकार केंद्र को जल्द मिलेगा अपना भवन
गुरुवार को कसबा के कुल्लाखास स्थित सहेली जीविका महिला संकुल संघ के कार्यालय में नई चेतना – 4.0 अभियान के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, न्याय तक पहुँच तथा जेंडर-संवेदनशील प्रणालियों को मजबूत बनाने हेतु विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती प्रदान करना है।

कार्यशाला का उद्घाटन कसबा के प्रखंड विकास पदाधिकारी मधु कुमारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक प्रवीण कुमार मिश्र तथा जीविका संकुल संघ की अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर दीदियों को संबोधित करते हुए BDO कसबा ने कहा कि सरकार की किसी भी योजना से सम्बंधित अगर कोई कमी या शिकायत मुझे प्राप्त होती है तो उसे दूर करने में उनका पूरा सहयोग किया जायेगा।
दीदियों को आश्वत करते हुए उन्हानें कहा कि जल्द ही कसबा का प्रखंड सह अंचल कार्यालय अपने नए भवन में स्थान्तरित हो रहा है।
इसी परिसर में जीविका दीदी अधिकार केंद्र के लिए एक भवन आप सभी को दिया जा रहा है।
वर्तमान में दीदी अधिकार केंद्र का संचालन सहेली जीविका महिला संकुल संघ के कार्यालय में हो रहा है।
सहेली संकुल संघ की अध्यक्ष कहकशा खातून ने कहा कि दीदी अधिकार केंद्र के तहत सभी जीविका दीदियों को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की सुविधाएँ मिलेंगी।
इस केंद्र के माध्यम से घरेलू हिंसा, लैंगिक विभेदीकरण, अधिकारिता तक लाभुकों की पहुँच आदि विषयों का सक्षम दीदी तथा दीदी अधिकार केंद्र के कोऑर्डिनेटर के माध्यम से समाधान किया जायेगा।
खुशबू देवी, कंचन देवी, शिल्पी कुमारी, पुष्पा कुमारी, प्रीति कुमारी, पिंकी पांडे, संतोषी कुमारी समेत 50 से अधिक जीविका दीदियाँ मौजूद थी।
सत्र की शुरुआत दीदी अधिकार केंद्र (DAK) की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।
पूर्णिया जिले के सात प्रखंडों में संचालित ये केंद्र महिलाओं को न्याय तक पहुँच, शिकायत निवारण तथा समुदाय स्तर पर जेंडर समानता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यशाला में चर्चा के दौरान जिला परियोजना प्रबंधक ओम प्रकाश मंडल ने हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए उपलब्ध समग्र सहायता सेवाओं—जैसे रेस्क्यू सेवा, चिकित्सीय सहायता, परामर्श, अस्थायी आश्रय एवं कानूनी सहायता—की जानकारी दी भी दीदियों को दी गई।
टीम ने पीड़ित महिलाओं के लिए समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला का समापन सभी हितधारकों की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ जिसमें वे आपसी समन्वय को और मजबूत करने,रेफरल तंत्र में सुधार लाने तथा प्रखंड स्तर पर महिलाओं को समयबद्ध, संवेदनशील एवं पीड़ित-केंद्रित सहायता सुनिश्चित करने पर सहमती बनाई गई।

