दिनांक :- 12 फरवरी 2026,
जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के निदेशानुसार दिनांक 12.02.2026 को धमदाहा प्रखंड अंतर्गत प्रखण्ड कार्यालय एवं अनुमण्डलीय अस्पताल में दिव्यांगजनों का UDID कार्ड निर्माण हेतु शिविर आयोजन किया गया। इसी क्रम में अनुमण्डल पदाधिकारी श्री कुमार अनुमप एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा श्री प्रकाश कुमार द्वारा शिविर स्थल का भ्रमण कर जायजा लिया गया। UDID कार्ड निर्माण हेतु शिविर में चिकित्सकों प्रतिनियुक्ति की गयी है। चिकित्सकों द्वारा कुल- 267 दिव्यांगजनों को UDID कार्ड निर्माण हेतु प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से दृष्टिबाधित दिव्यांगजन-30, आथो के 119 दिव्यांगजन, Cerebral palsy के 32 एवं ENT के 23 दिव्यांगजनों का UDID निर्माण हेतु आवेदन प्राप्त हुआ है। प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार विभागीय पोर्टल पर इन्ट्री कराया जा रहा है। साथ हीं पूर्व से ऑफलाईन निर्गत दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों को भी शिविर में उपस्थित चिकित्सकों द्वारा भौतिक सत्यापन/प्रमाणीकरण के पश्चात् उन्हें अविलम्ब UDID निमार्ण हेतु अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

जिला पदाधिकारी के निदेशानुसार शिविर के अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण श्री अमरेश कुमार, प्रभारी सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पूर्णिया द्वारा नियमित रूप से दूरभाष एवं VC के माध्मय से किया जा रहा है। साथ हीं प्रखण्ड स्तरीय क्षेत्रीय कर्मी यथा-पंचायत सचिव, माननीय मुखिया, विकास मित्र, वार्ड सदस्य एवं सामाजिक सुरक्षा के डाटा इन्टो ऑपरेटरों को शिविर में दिव्यांगजनों को मोबलाईज कराने हेतु निदेश दिया गया है।

विदित हो कि दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत UDID कार्ड निर्माण आवश्यक है, ताकि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें ।

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया। अस्थि दिव्यांगता, दृिष्टबाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक एवं बहुविध दिव्यांगता से संबंधित आवेदकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। लाभार्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र से संबंधित आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया ।
शिविर के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं प्रखंड के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधा की व्यवस्था भी की गई।

जिला प्रशासन द्वारा यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सम्मान एवं समावेशन के लिए भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों और लाभों से वंचित न रहे।

