2 जून को पहली बार पूर्णिया आ रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भ्रष्टाचार और फर्जी बहाली की फाइलों के साथ ग्रामीण घेरेंगे ‘सहयोग शिविर’!

पूर्णिया, बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगामी 2 जून को अपने पहले अधिकारिक दौरे पर पूर्णिया आ रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय जनता से सीधे संवाद करने के लिए आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में हिस्सा लेंगे और क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। लेकिन मुख्यमंत्री के इस दौरे के साथ ही रुपौली इलाके में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं।

रेफरल अस्पताल रुपौली का भ्रष्टाचार पहुंचेगा मुख्यमंत्री के द्वार
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के इस सहयोग शिविर में रेफरल अस्पताल रुपौली में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार और आशा कार्यकर्ताओं की अवैध व फर्जी बहाली का मुद्दा पूरी ताकत से उठाने की तैयारी हो चुकी है। पीड़ित पक्ष और स्थानीय ग्रामीण सभी पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों (साक्ष्यों) के साथ सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष पेश होने की रणनीति बना रहे हैं।

आशा फर्जी बहाली
रुपौली रेफरल अस्पताल में नियमों को ताक पर रखकर की गई अपात्र लोगों की कथित अवैध नियुक्तियां।
अस्पताल में व्यापक भ्रष्टाचार
स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी फंड के घालमेल से जुड़े गंभीर आरोप।
सीधे साक्ष्य सौंपने की तैयारी
विभागीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद अब सीधे सूबे के मुखिया को फाइलें सौंपने की योजना।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद सम्राट चौधरी का यह पहला पूर्णिया दौरा है, जहां वे जनता की शिकायतें सुनेंगे। ऐसे में रुपौली स्वास्थ्य विभाग के इस बड़े घोटाले की फाइल सीधे उनके हाथों में सौंपे जाने की सुगबुगाहट ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ा दी है।
अब देखना यह होगा कि 2 जून को होने वाले इस सहयोग शिविर में जब यह मामला माननीय मुख्यमंत्री के सामने टेबल पर आएगा, तो रुपौली रेफरल अस्पताल के भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिरती है या नहीं।

