पूर्णिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन, लापरवाह ‘आशा’ कार्यकर्ताओं पर गिरेगी गाज
पूर्णिया: जिला पदाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त (DDC) श्री अंजनि कुमार ने सोमवार को सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
काम न करने वाली ‘आशा’ होंगी बाहर
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में अकार्यरत (जो काम नहीं कर रही हैं) आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर उनकी चयनमुक्ति (सेवा समाप्त करने) के लिए जिला मुख्यालय को तुरंत रिपोर्ट भेजी जाए।
शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव:
मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अस्पतालों में 100% सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने का सख्त निर्देश दिया गया है।
बाढ़ से पहले गर्भवती महिलाओं की मैपिंग
बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत लाइन लिस्टिंग तैयार कर आगामी 5 जून तक जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया है।
कुपोषित बच्चों के लिए NRC
हर प्रखंड से प्रति महीने कम से कम 3-3 कुपोषित (SAM / MAM) बच्चों को RBSK टीम द्वारा स्क्रीनिंग कराकर पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजने का आदेश।
गर्भवती महिलाओं की विशेष ट्रैकिंग
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की PMSMA के दिन पहचान कर उनका लगातार फॉलो-अप करने और ‘एनीमिया मुक्त भारत’ के तहत विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
HPV वैक्सिनेशन और आभा कार्ड
गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए ‘गार्डासिल’ (HPV) वैक्सिनेशन का दैनिक लक्ष्य 100% पूरा करने तथा m-Asha पोर्टल पर सर्वे कर सभी का ‘आभा कार्ड’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

