​बाढ़ की विभीषिका से निपटने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परमान नदी के तट पर NDRF की 32 सदस्यीय टीम द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन।


दिनांक:-29 जनवरी 2026,

श्री अंशुल कुमार जिला पदाधिकारी पूर्णिया के निदेश के आलोक में अमौर के नितेंद्र पंचायत में NDRF द्वारा बाढ़ /आपदा प्रबंधन हेतु वृहद मॉकड्रिल का आयोजन

​बाढ़ की विभीषिका से निपटने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को बायसी अनुमंडल के अमौर प्रखंड अंतर्गत नितेंद्र पंचायत स्थित परमान नदी के तट पर NDRF (9वीं बटालियन) की 32 सदस्यीय टीम द्वारा एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन कर स्थानीय लोगों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

​प्रमुख गतिविधियाँ और प्रशिक्षण

​मॉकड्रिल के दौरान NDRF के विशेषज्ञों द्वारा बाढ़ आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कारगर कार्रवाई त्वरित करने का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
​रेस्क्यू ऑपरेशन- नदी या तालाब में डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार की रेस्क्यू तकनीकों का मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदर्शन किया गया।

​घरेलू संसाधनों से राफ्ट निर्माण

बाढ़ /आपदा के समय जब नाव उपलब्ध न हो, तब खुद को सुरक्षित रखने के लिए घर में मौजूद कबाड़ या सामान से ‘राफ्ट’ बनाने की विधि बताई गई।

इसमें मुख्य रूप से
​प्लास्टिक बोतल राफ्ट (Bottle Raft)​बाँस राफ्ट (Bamboo Raft)​नारियल राफ्ट ​गाइनल राफ्ट आदि का प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया गया।

​जीवन रक्षक तकनीक (CPR): बेहोश या पानी से निकाले गए व्यक्ति की सांसें पुनः बहाल करने के लिए CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला स्तरीय एवं अनुमंडल तथा प्रखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया।

​अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), पूर्णिया। श्री सुजय सिंह,
​डिप्टी कमांडेंट, NDRF (9वीं बटालियन)।
​अनुमंडल पदाधिकारी, बायसी।
​अंचल अधिकारी (अमौर, बैसा एवं बायसी)।
​राजस्व अधिकारी (अमौर), कार्यपालक पदाधिकारी (नगर पंचायत अमौर), और प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी।
​इसके अलावा इंजीनियरिंग विभाग (बाढ़ नियंत्रण, P.H.E.D, R.C.D, R.W.D) और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी शिरकत की।


​समन्वय और सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाने में SDRF टीम (बायसी), अग्निशमन दल (बायसी), आपदा मित्र, कमल कामत (UNICEF) तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना और ‘रिस्पांस टाइम’ को कम करना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

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