भ्रष्टाचार के खिलाफ मजदूरों में आक्रोश,लेबर कोड मंजूर नहीं.

भ्रष्टाचार के खिलाफ मजदूरों में आक्रोश, हुए एकजुट

लेबर कोड मंजूर नहीं, मजदूरों पर हमला हो बंद : मुकेश मुक्त

9 अप्रैल 2026, नाथनगर, भागलपुर

मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानून लागू किए जाने का मजदूरों पुरजोर विरोध किया। मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए अभियान को तेज करते हुए ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने गुरुवार को नाथनगर, जगदीशपुर व शाहकुंड प्रखंड के कई गांवों में मजदूरों की बैठकें कर विनाशकारी लेबर कोड की जानकारी दी और उन्हें बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन व असंगठित कामगार महासंघ की सदस्यता देकर यूनियन से जोड़ा। इस दौरान मजदूरों ने सामाजिक सुरक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर आक्रोश जताया।

ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने नाथनगर प्रखंड के तेतराहार में मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश के लिए खतरा है। चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों के दशकों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को छीन लिया गया है। किसानों की जमीन जबरन छीनी जा रही है और झूठे विकास के नाम पर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। मजदूरों - किसानों और आम नागरिकों के हितों को कुचलते हुए पूंजीपतियों – कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में नीतियां बनायी जा रही है। दलितों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर लगातार हमले बढ़ रहें है। देश विरोधी मोदी सरकार सिर्फ अपने कॉरपोरेट–पूंजीपति आकाओं के लिए काम करती है, इन्हें देश के मजदूरों, आम नागरिकों की कोई चिंता नहीं है।

स्थानीय स्तर पर अभियान का नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के संयुक्त जिला सचिव राजेश कुमार ने कहा कि लेबर कार्यालय में मजदूरों की कोई सुनता नहीं है, भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा में लूट मची हुई है। मजदूरों को परेशान करने के लिए निबंधन और नवीकरण की नियमावली में हर दिन बदलाव किए जा रहे हैं। ऐप अपडेट करने के नाम पर मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित किया जा रहा है। निर्माण मजदूरों के निबंधन और सामाजिक सुरक्षा वितरण प्रक्रिया में निचले स्तर के अधिकारियों को शामिल किए जाने से भ्रष्टाचार काफी बढ़ा है। मजदूरों को लूट और ठगी का शिकार होने के लिए बाजार के भरोसे छोड़ दिया गया है। इससे मजदूरों के अंदर आक्रोश बढ़ रहा है। किंतु उच्च अधिकारी और सरकार खामोश है। मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो हर स्तर पर मजदूर का गुस्सा फूटेगा।

कार्यक्रम में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के अंकित राज, सुभाष यादव, संजय दास, धनंजय दास, बीरेंद्र यादव, मनोज यादव, दिनेश यादव, नीलम यादव, विपिन यादव, गुड्डू कुमार यादव, राजू पंडित, घनन कुमार, गिरिश यादव, रोशन कूमार, लेखिया देवी, आरती देवी, चंदनी देवी, मुन्नी देवी असंगठित कामगार महासंघ के बबीता देवी, सजनी देवी, अनीता देवी, कैलाश शर्मा, जनार्दन ठाकुर, रुपा कुमारी, खुशबू कुमारी, बिहारी साह, गया मंडल, विलास सिंह, सिंहेश्वर मंडल, नेहा कुमारी, कंचन देवी, उषा देवी, सोनी देवी आदि बड़ी संख्या में महिला पुरुष मजदूर शामिल हुए।

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