दिनांक:-12 फरवरी 2026,
ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का
जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण:-
जिला पंचायत संसाधन केंद्र पूर्णिया में चल रहे दो दिवसीय ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का अपर समाहर्ता आपदा सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सुजय सिंह द्वारा गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण किया गया।
उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं जैसे माईक, प्रोजेक्टर, प्रशिक्षण किट, भोजन, एवं साफ सफाई आदि का जायजा लिया।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा संबंधित सभी पंचायत सचिवों को उनके कार्यों दायित्व के दृष्टिगत कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में चल रही विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और ई-गवर्नेंस के महत्व पर बल दिया गया।
विशेष रूप से बनमनखी, बायसी, वैसा, धमदाहा, अमौर और जलालगढ़ प्रखंडों के पंचायत सचिवों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
निरीक्षण के अवसर पर अधिकारियों ने DPRC के प्रागण में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम को सुशोभित किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा ने ई-गवर्नेंस के विभिन्न पहलुओं पर सभी प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर पंचायत सचिवों को योजनाओं के डिजिटल क्रियान्वयन व पारदर्शिता के लाभ समझाए। इससे प्रतिभागियों में डिजिटल सशक्तिकरण की समझ गहरी हुई।

प्रशिक्षण सामग्री का विस्तृत आकलन
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने प्रशिक्षण लेने वाले पंचायत सचिवों से बारी-बारी से विषय वस्तु के बारे में प्रश्न किया गया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रदान की जा रही सामग्री एवं जानकारी प्रतिभागियों तक सटीक एवं प्रभावी रूप से पहुंच रही है।
इस प्रत्यक्ष आकलन से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में और सुधार सुनिश्चित हुआ।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह को प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का निर्देश दिया गया।

मास्टर ट्रेनर अखिलेश कुमार साह (प्रखंड परियोजना प्रबंधक), फहामुद्दीन अंसारी अंजुम (BAF) व जिला प्रोग्रामर शशि कुमार कौशल ने ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने प्रशिक्षण के सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डाला तथा पदाधिकारी के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
इससे पंचायती राज व्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

