डीएम ने अंचल कार्यालय के निरीक्षण में कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित मामलों पर दिए गए सख्त निर्देश


​ जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने अंचल कार्यालय पिपराही का निरीक्षण किया गया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान डीसीएलआर , अंचलाधिकारी और विशेष कार्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालय के कार्यों की समीक्षा करना, विभिन्न पंजियों (रजिस्टरों) का अवलोकन करना और आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करना था।निरीक्षण के दौरान समाहर्ता प्रतिभा रानी ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर निरीक्षण किया एवं संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में दाखिल-खारिज के अत्यधिक मामले लंबित पाए गए। विशेष रूप से मसौढ़ी और परसौनी क्षेत्रों के मामले 35 दिनों से अधिक समय से बड़ी संख्या में लंबित मामले पाए गए। इसका ससमय निष्पादन का निदेश दिया गया। बंटवारा नामांतरण के मामलों में अंतराल पाया गया।नीलामवाद के कुल 32 नीलामवाद मामलों में से 30 मामले वर्तमान में चल रहे हैं और केवल 02 मामले ही बंद किए गए हैं।

अंचल स्तर से की गई सभी भूमि बंदोबस्तियों में कितने व्यक्तियों को वास्तविक रूप से भूमि पर दखल (कब्ज़ा) मिला है, इसकी विस्तृत जांच करने के निर्देश अंचलाधिकारी को दिए गए। बासगीत पर्चा प्राप्त लाभार्थियों को ज़मीन पर दखल मिला है या नहीं, इसकी भी सघन जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए है।

जिला जनता दरबार के कई मामले लंबित पाए गए, जिनमें से 14 मामले ऑनलाइन रिपोर्ट में लंबित हैं।आवेदकों से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेने और उनका गुणवत्तापूर्ण अनुपालन करने के निर्देश दिए गए।

​आगत-निर्गत पंजी इससे स्पष्ट और स्वच्छ रूप से भरने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त पत्रों की पंजी में अनुपालन अद्यतन होना चाहिए। निर्गत पंजी को सजगता से भरने के लिए प्रधान सहायक को कड़े शब्दों में हिदायत दी गई।कर्मचारियों के बीच कार्यों का आवंटन उचित तरीके से विभाजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि ‘मल्टी-वर्क अप्रोच’ के साथ एक ही समय में कई कार्यों का निष्पादन हो सके।

FSTP के लिए भूमि की खोज कर इस कार्य को जल्द निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। यदि सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, तो क्रय नीति के तहत भूमि खरीदने के निर्देश दिए गए। अंचल कार्यालय और अंचलाधिकारी के कक्ष में लगे कैमरों की जांच की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि वे चालू हालत में हैं या नहीं।अभियान बसेरा-2: अभियान बसेरा-2 के तहत कार्यों और भू-बंदोबस्त पंजी की भी जांच की गई।

​समाहर्ता ने स्पष्ट किया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी पारदर्शिता व तत्परता के साथ कार्य करना होगा।

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