स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के नेतृत्व में डिजिटल हेल्थ में बिहार ने लगाया ऐतिहासिक छलांग: शशांक शेखरएबीडीएम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए शशांक शेखर सिन्हा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के नेतृत्व में डिजिटल हेल्थ में बिहार ने लगाया ऐतिहासिक छलांग: शशांक शेखर
एबीडीएम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए शशांक शेखर सिन्हा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

पटना। डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार ने राष्ट्रीय मंच पर एक नई मिसाल कायम की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी, व्यापक और अनुकरणीय क्रियान्वयन के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 19 एवं 20 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) एवं एबीडीएम की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, बिहार के राज्य मिशन निदेशक श्री शशांक शेखर सिन्हा को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान उड़ीसा की मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान बिहार में डिजिटल नवाचारों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में किए गए सशक्त नेतृत्व और सतत प्रयासों की राष्ट्रीय मान्यता है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री शशांक शेखर सिन्हा ने कहा कि “यह उपलब्धि बिहार सरकार की मजबूत नीतिगत सोच, स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों और जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत का परिणाम है। एबीडीएम के माध्यम से बिहार ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल तकनीक के सहारे स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।” उन्होंने इस सफलता का श्रेय माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह तथा राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के प्रशासनिक सहयोग, सतत निगरानी और टीमवर्क से ही एबीडीएम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया जा सका।

बिहार सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना शुरू की गई है, जिसके तहत ‘भव्या’ नामक एबीडीएम -कम्प्लायंट एच एम आई एस सॉफ्टवेयर के माध्यम से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह पूरी तरह से बिहार सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है। ‘भव्या’ परियोजना को वर्ष 2024 में ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट में इनोवेशन अवार्ड भी मिल चुका है।एबीडीएम के तहत उपलब्धियों की बात करें तो बिहार ने स्कैन एंड शेयर में 5 करोड़ 21 लाख टोकन बनाकर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य में अब तक 6 करोड़ 8 लाख लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है और इतने ही लाभार्थियों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार हो चुका है। ईएचआर के क्षेत्र में बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही एचपीआर और एचएफआर के तहत 47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तथा 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण किया जा चुका है। डीएचआईएस योजना के अंतर्गत 7,835 सरकारी अस्पताल पंजीकृत हुए हैं और बिहार ने 37.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का क्लेम कर देश में सर्वाधिक दावा करने वाला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है।इन उपलब्धियों के साथ बिहार ने डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में खुद को राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी और अनुकरणीय राज्य के रूप में स्थापित कर लिया है।

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