पंचायती राज में ई-गवर्नेंस को मिला नया आयाम

दिनांक:-11 फरवरी 2026,

जिला पंचायत संसाधन केंद्र पूर्णिया में ई-गवर्नेंस के मद्देनजर बुधवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

पंचायती राज में ई-गवर्नेंस को मिला नया आयाम

जिला पंचायत संसाधन केंद्र, पूर्णिया में पंचायती राज संस्थाओं (PRI) में ई-गवर्नेंस के प्रभावी उपयोग को सशक्त करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में प्रखंड बी.कोठी, रूपौली,कसबा,भवानीपुर, डगरूआ, के ०नगर, पूर्णिया पूर्व और श्रीनगर प्रखंड के ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों द्वारा सक्रिय रूप से भाग लिया।

प्रतिभागियों ने पंचायत स्तर पर डिजिटल विकास कार्यों में अपनी भूमिका को लेकर गहन जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री अखिलेश कुमार साह (प्रखंड परियोजना प्रबंधक) एवं श्री फहामुद्दीन अंसारी अंजुम (BAF) द्वारा पंचायती राज में ई-गवर्नेंस के विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने पंचायत सचिवों को बताया कि e-Gram Swaraj (योजना निगरानी एवं कार्यप्रगति ट्रैकिंग),GeM Portal, (DBT भुगतान), PFMS (फंड ट्रैफर), e-Office (ऑफिस प्रबंधन), RTPS (सेवा वितरण), PDI (परफॉर्मेंस मूल्यांकन),सभा सार, ई कचहरी, Panchayat Award (पुरस्कार आवेदन), PRD निश्चय सॉफ्ट (योजना कार्यान्वयन), TMP (ट्रेनिंग मैनेजमेंट पोर्टल), पंचायत निर्णय (निर्णय रिकॉर्डिंग) तथा मेरी पंचायत मेरी धरोहर (नागरिक पोर्टल) जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और सामुदायिक विकास में अहम भूमिका निभाई जा सकती है।

ये प्लेटफॉर्म पारदर्शिता, रीयल-टाइम डेटा एवं कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करते हैं।प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक एवं सहज उदाहरणों के माध्यम से पंचायत सचिवों को इन प्लेटफॉर्म्स से पंचायत योजनाओं का डिजिटल जुड़ाव, ग्राम सभा में ई-भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में ई-गवर्नेंस के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पंचायती राज संस्थाओं में इन ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स के मजबूत उपयोग से गांवों में विकास की गति में तेज आएगी।

पंचायत सचिव यदि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर योजनाओं की जानकारी लेकर सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो इसका सीधा लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक निश्चित पहुंचेगा।

इस तरह के प्रशिक्षण से पंचायत सचिवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जाता है, जिससे पंचायत व्यवस्था मजबूत होती है।

जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स जैसे e-Gram Swaraj, निश्चय सॉफ्ट आदि केवल तकनीकी उपकरण नहीं हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव, नेतृत्व विकास और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले पंचायत सचिवों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में इन प्लेटफॉर्म्स आधारित क्रियान्वयन के लिए लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।

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