
बुलडोजर राज मंजूर नहीं, हो वैकल्पिक व्यवस्था, आवास व आजीविका के उजाड़ने पर लगे रोक
31 दिसम्बर 2025, खरीक, भागलपुर
बेघर गरीबों के वास–आवास के सवाल पर भाकपा (माले) ने खरीक अंचल कार्यालय पर धरना–प्रदर्शन किया। इस कड़ाके की ठंड में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण गरीब महिला–पुरुष लाल झंडे–बैनर के साथ एनएच 31 के खारीक चौक पर इकट्ठे हुए और सरकार विरोधी नारों को बुलंद करते हुए अंचल कार्यालय पहुंचे। जुलूस प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के पूर्व जिला सचिव बिंदेश्वरी मंडल व खरीक प्रखंड सचिव सत्यनारायण यादव ने किया।
धरना सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से बाढ़–कटाव पीड़ित, वास–आवास की समस्या झेलने के लिए मजबूर हैं।
गंगा–कोसी की लगातार बदलती धाराओं ने हजारों ग्रामीणों को बेघर और बर्बाद कर रखा है। आजीविका व आवास की समस्याओं ने इनके जीवन को विकट संकट में डाल दिया है। किन्तु सरकार और प्रशासन इनके प्रति उदासीन है। इनके लिए घर और आजीविका का प्रबंध करने के बजाय इनकी झोपड़ियों और रोजी-रोटी को उजाड़ देने पर आमादा है।
वक्ताओं ने कहा कि ये सामंतों – अमीरों की सरकार है जो बलात्कारियों–अपराधियों पाल रही है। कॉरपोरेटों को हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन मुफ्त में देती है। गरीबों के लिए अलग कानून और अमीरों के लिए अलग कानून नहीं चलेगा, पुलिस अगर गरीबों की रक्षा नहीं कर सकती तो उसे गरीबों से मुकाबला करना होगा। बुलडोजर राज किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उजाड़ने का दमनकारी सरकारी फरमान वापस लेना होगा। सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करे। अन्यथा नए साल में भाकपा (माले) और बड़ी लड़ाई संगठित करेगी।
धरना सभा को भाकपा (माले) के जिला सचिव महेश प्रसाद यादव, एआईसीसीटीयू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, नौगछिया प्रखंड सचिव गौरी शंकर राय, ऐपवा जिला सचिव रेणु देवी, जिला कमिटी सदस्य आशुतोष यादव व सुशील कुमार भारती आदि ने सम्बोधित किया। संचालन सिकन्दर यादव ने किया।
मौके पर पूर्व जिला सचिव बिंदेश्वरी मंडल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने खरीक के अंचल अधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें सभी गरीबों व कटाव पीड़ितों को वासोवासी जमीन और जमीन का पर्चा देने, बुलडोजर राज नहीं सहने और वैकल्पिक व्यवस्था के बिना आवास व आजीविका उजाड़ना बंद करने तथा सभी गरीबों को पक्का मकान देने की मांग शामिल थी। अंचलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अभी किसी की झोपड़ियां और रोजी-रोटी नहीं उजड़े, इसके लिए वे प्रयास कर रहें हैं। नए वर्ष में भी आन्दोलन जारी रखने के ऐलान के साथ धरना–प्रदर्शन सम्पन्न हुआ।
धरना प्रदर्शन में उपरोक्त सहित बिहारी शर्मा, श्रीमंत शर्मा, सिंटू यादव, उमर शेख, चमकलाल दास, मंजू देवी, हेमंती देवी, खुशबू देवी, वीणा देवी, चुनिया देवी, मुन्नी देवी, लीला देवी, रुबी देवी, संतोषी देवी, हीरा देवी, भोला मंडल, रत्नेश यादव, उमेश यादव, शिवानंद मिस्त्री, सुबोध यादव, सुधांशु मंडल, अवधेश मंडल आदि सैकड़ों महिला – पुरुष शामिल हुए

