पूर्णिया प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा उपद्रव, मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार निंदनीय : नंदकिशोर सिंह अध्यक्ष, प्रेस क्लब पूर्णिया,बिहार प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ.
पूर्णिया में आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा की गई चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा उपद्रव टल गया। तनावपूर्ण परिस्थिति को नियंत्रित करते हुए शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्णिया के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं।
आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के समक्ष रखा। छात्र प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी महोदय और पुलिस अधीक्षक महोदय से बातचीत की, अपना ज्ञापन सौंपा तथा आश्वासन मिलने के बाद शांतिपूर्वक वापस चले गए। छात्रों का यह जिम्मेदार और अनुशासित व्यवहार सराहनीय है। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी समस्याएं और मांगें शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है।
हालांकि, आंदोलन के दौरान कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। ऐसे तत्व किसी भी जन आंदोलन की मूल भावना को नुकसान पहुंचाते हैं और शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों को बदनाम करने का काम करते हैं। प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर एक बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक लिया।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे कई मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पत्रकार घटनास्थल पर किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करने नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति को जनता तक पहुंचाने के लिए उपस्थित रहते हैं। समाचार संकलन कर रहे पत्रकारों के साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की अथवा उनके कार्य में बाधा डालना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

प्रेस क्लब पूर्णिया मीडिया कर्मियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की घोर निंदा करता है। प्रशासन से अपेक्षा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों की पहचान की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रेस क्लब पूर्णिया आंदोलनकारी छात्रों से भी अपील करता है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से उठाते रहें और अपने आंदोलन में बाहरी एवं असामाजिक तत्वों को प्रवेश न करने दें। साथ ही सभी नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी अफवाह या भड़काऊ सूचना पर विश्वास न करें और पूर्णिया की शांति, सौहार्द तथा सामाजिक एकता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

