“डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के लिए सभी प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
समुदाय स्तर पर बच्चों की डायरिया से मृत्यु को रोकने की दी गई जानकारी
सभी को डायरिया की पहचान, समय पर रेफरल करने और अधिकारियों द्वारा आवश्यक उपचार का दिया गया निर्देश
पूर्णिया, 28 जनवरी
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में “डायरिया स्व डर नहीं” कार्यक्रम के तहत पीएसआई इंडिया और केन्वयू के सहयोग से जिला स्तर पर एकदिवसीय बैठक का आयोजन खुश्किबाग पूर्णिया के निजी होटल में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर बच्चों में होने वाले डायरिया की पहचान करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बच्चों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराते हुए डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकना है। आयोजित कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य विभाग से सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, डीसीएम संजय कुमार दिनकर, पीएसआई इंडिया के जिला प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय, एफपीसी अस्मिता कुमारी और सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

डायरिया की पहचान, समय पर रेफरल करने और अधिकारियों द्वारा आवश्यक उपचार का दिया गया निर्देश :
कार्यक्रम के दौरान सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को क्षेत्र में डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों की पहचान करते हुए समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को क्षेत्र में डायरिया ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों को ओआरएस (ORS)

एवं जिंक टैबलेट के सही उपयोग, डायरिया की पहचान, समय पर रेफरल, स्वच्छता एवं साफ पानी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों को बताया गया कि डायरिया की स्थिति में तुरंत ओआरएस घोल देना एवं 14 दिनों तक जिंक का खुराक देना अत्यंत आवश्यक है। इससे ग्रसित मरीजों का समय पर आवश्यक उपचार हो सकेगा और लोग डायरिया से स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकेंगे।

स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से ही डायरिया जैसी बीमारी पर नियंत्रण संभव :
पीएसआई के जिला प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय ने कहा कि आशा एवं एएनएम स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और इनके माध्यम से ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में डायरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर माताओं को डायरिया प्रबंधन एवं रोकथाम के बारे में आवश्यक जानकारी दी जा सकती है।

लोगों द्वारा समय पर डायरिया की पहचान होने और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार कराने से लोग डायरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकते हैं। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को डायरिया प्रबंधन से संबंधित सूचना सामग्री का भी वितरण किया गया जिसे स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराते हुए डायरिया से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

